Sunday, April 19th, 2026

नकल पर सरकार की नकेल, परीक्षाओं को नक़ल रहित बनाने के लिए इस बार नए तरीके अपनाए गए

 ग्वालियर
 बोर्ड परीक्षा हो और ग्वालियर चंबल में नकल न हो, ऐसा हो नहीं सकता। पिछले कई सालों से ग्वालियर चंबल क्षेत्र परीक्षाओं में नकल के लिए काफी बदनाम रहा है। इस बार बोर्ड परीक्षाओं में 10वीं व 12वीं में आधे विषयों के पर्चे हो चुके हैं, लेकिन अभी तक महज सात नकल प्रकरण ही बने हैं और एक फर्जी परीक्षार्थी पकड़ा गया है।

पिछले सालों में यह संख्या दो से तीन गुना अधिक हुआ करती थी। संभवत: नकल रोकने के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने ऐसा मैकेनिज्म बनाया और जिला प्रशासन सहित शिक्षा विभाग ने उसे फालो किया, जिसकी वजह से इस बार अंचल में नकल पर नकेल लगी हुई है। अभी तक न तो सामूहिक नकल के प्रकरण सामने आए हैं और न ही प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं ही सामने आई हैं।

नकल रोकने के लिए यह अपनाया तरीका
फर्जी परीक्षार्थी रोकने क्यूआर कोड

ग्वालियर चंबल के भिंड, मुरैना में हर साल फर्जी परीक्षार्थी पकड़े जाते थे। लेकिन इस बार दतिया में एक प्रकरण को छोड़कर कोई मामला सामने नहीं आया है। इसके पीछे प्रवेशपत्र में क्यूआर कोड होना बताया जा रहा है। इस वजह से नकल माफिया परीक्षाओं में साल्वर नहीं बैठा पाया।

पेपर लीक मामला

हर बार परीक्षा से पहले रात व सुबह प्रश्नपत्र लीक होकर इंटरनेट मीडिया पर आ जाता था और छात्र उसे खरीदते थे। इस बार बोर्ड ने थाने से लेकर केंद्र में पेपर पहुंचने तक व छात्रों तक बंटने तक को एप से ट्रैक किया। ऐसे में पेपर लीक होने की अफवाह तक सामने नहीं आई।

संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर

ग्वालियर चंबल अंचल के जितने भी परीक्षा केंद्र संवदेनशील व अति संवेदनशील थे, उन पर सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जा रही है। ऐसे में छात्र भी नकल नहीं ले जा पाए और माफिया भी मनमानी नहीं कर पाए।

कलेक्टर प्रतिनिधि की नियुक्ति

हर परीक्षा केंद्र पर एक कलेक्टर प्रतिनिधि नियुक्त किया गया। यह प्रतिनिधि थाने से प्रश्नपत्र लेकर लाने से लेकर परीक्षा समय तक केंद्र पर रहता है और व्यवस्थाओं को देखता है। इससे भी परीक्षा केंद्रों से सामूहिक नकल जैसी स्थिति सामने नहीं आई।

टीमों का नियमित निरीक्षण

शिक्षा विभाग सहित जिला प्रशासन की टीमें लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर रही हैं। ऐसे में परीक्षार्थियों सहित पर्यवेक्षकों में डर बना रहा।

नहीं चली संगठित नकल माफिया की

अंचल की बोर्ड परीक्षाओं में नकल संगठित माफिया कराता था। यह न केवल फर्जी परीक्षार्थी परीक्षा में बैठाता था, बल्कि केंद्रों पर सामूहिक नकल भी कराता था। लेकिन इस बार बोर्ड व प्रशासन ने अपने परीक्षा मैकेनिज्म को बदल दिया और नई तरीके सामने लाए। ऐसे में माफिया इस बार अपनी कारगुजारी में सफल नहीं हो पाया।

कहां पर कितने बने प्रकरण

    ग्वालियर में 1
    भिंड में 1
    शिवपुरी में 1
    मुरैना में 4


प्रवेश पत्र में क्यूआर कोड भी

    बोर्ड परीक्षाओं के लिए इस बार माध्यमिक शिक्षा मंडल ने ऐसे प्रावधान व नियम किए हैं, जिनकी वजह से परीक्षा के हर कदम पर उसकी नजर है। चाहे प्रश्नपत्र को थाने से केंद्र तक ले जाने की ट्रैकिंग हो या परीक्षा केंद्र पर नजर रखने वाली बात, सभी जगहों पर बोर्ड की नजर है। साथ ही फर्जी परीक्षार्थी की पहचान के लिए प्रवेश पत्र में क्यूआर कोड भी दिया गया। साथ ही जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग की टीमें भी सतत निगरानी कर रही हैं। इसलिए इस बार नकल पर अंकुश लगा हुआ है। - दीपक पांडेय, संयुक्त संचालक शिक्षा, ग्वालियर

 

 

#exam

Source : Agency

आपकी राय

14 + 7 =

पाठको की राय