Tuesday, April 21st, 2026

मध्य प्रदेश फार्मेसी काउंसिल: पंजीयन नवीनीकरण अब फेस स्कैन से संभव

भोपाल
मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल की तरह अब फार्मेसी काउंसिल में भी पंजीयन नवीनीकरण के लिए फार्मासिस्ट का भौतिक सत्यापन अनिवार्य करने की तैयारी है। 60 वर्ष से कम उम्र वालों का आधार केवायसी से सत्यापन किया जाएगा, ताकि पता चल सके कि वे जीवित है या नहीं। इससे अधिक उम्र वालों को भोपाल में फार्मेंसी काउंसिल में उपस्थित होना पड़ेगा।

ऐसा इसलिए, क्योंकि अभी सिर्फ कागजों के आधार पर पंजीयन नवीनीकरण हो जाता है, जिससे यही पता नहीं चलता कि जिसके नाम से पंजीयन वह व्यक्ति जीवित है या नहीं। इसी पंजीयन के आधार पर औषधि प्रशासन विभाग मेडिकल स्टोर का लाइसेंस जारी करता है। कई बार तो ड्रगिस्ट एवं केमिस्ट एसोसिएशन की तरफ से भी फार्मासिस्टों के नवीनीकरण आवेदन एकत्र करके काउंसिल में भेजे जाते हैं।
 
    उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल ने भी पंजीकृत सभी डाॅक्टरों का आधार सत्यापन दो वर्ष पहले शुरू किया था।
    कारण, कई डाॅक्टर दुनिया में नहीं रहे तो कुछ दूसरे राज्य या विदेश में चले गए पर काउंसिल में इसके बाद भी वह पंजीकृत हैं। सत्यापन में स्थिति सामने आ गई।
    अब ऐसी ही व्यवस्था फार्मेसी काउंसिल करने जा रहा है। प्रदेश में 80 हजार से अधिक फार्मासिस्ट पंजीकृत हैं। हर पांच वर्ष में पंजीयन नवीनीकरण अनिवार्य है।
    इनमें मेडिकल स्टोर संचालित करने वाले या सरकारी-निजी क्षेत्र में सेवा देने वाले फार्मासिस्टों का पंजीयन नवीनीकरण नहीं हुआ तो वे न तो दुकान चला सकते न ही सेवा दे सकते।
    स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इसकी तैयारी चल रही है। लगभग एक माह में पंजीयन नवीनीकरण के लिए यह व्यवस्था प्रारंभ कर दी जाएगी।

 

#Pharmacy Council

Source : Agency

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