Monday, April 20th, 2026

ममता बनर्जी और अन्य नेताओं का मजाक बनाने के आरोपी को HC से राहत, सरकार पर सवाल

कोलकाता
ममता बनर्जी का मजाक बनाने के आरोपी एक शख्स को राहत देते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट ने मुकदमा ही खारिज कर दिया है। बेंच ने कहा कि पश्चिम बंगाल की सीएम और अन्य नेताओं का मजाक बनाने के आरोप में कोई ऐसा पुख्ता सबूत नहीं मिला है कि केस चलाया जाए। जस्टिस अजय कुमार गुप्ता ने केस की सुनवाई करते हुए कहा, 'केस डायरी और उपलब्ध सबूतों की विस्तार से जांच करने के बाद आरोपी के खिलाफ प्रथमदृष्टया कोई मामला नहीं बनता। बिना किसी सबूत के ही चार्जशीट भर दाखिल कर देने से केस आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। यही नहीं यदि केस चलाया भी जाए तो इस बात की संभावना बहुत कम है कि आरोपी के खिलाफ कोई चीज साबित हो सकेगी। इसके अलावा ऐसा करना आरोपी के खिलाफ पूर्वाग्रह रखना और उसका उत्पीड़न करने जैसा होगा।'

अदालत ने कहा कि जब कोई सबूत ही नहीं है और केस चलने लायक नहीं है तो फिर मामले की आगे सुनवाई क्यों की जाए। बेहतर होगा कि केस को ही खत्म कर दिया जाए। दरअसल आरोपी के खिलाफ ममता बनर्जी और कुछ अन्य नेताओं का मजाक उड़ाने के आरोप में केस दर्ज हुआ था। इसी के खिलाफ आरोपी ने सेक्शन 482 के तहत अदालत का रुख किया था और कहा था कि मेरे खिलाफ दर्ज केस को खत्म किया जाए। आरोपी का कहना था कि उसने यूट्यूब पर कोई बात कही थी और उसी के आधार पर साजिश रचते हुए कुछ लोगों ने उन्हें फंसा दिया। आरोपी ने कहा कि मेरी ऐसी कोई मंशा नहीं थी कि किसी का अपमान किया जाए। उस पर इस आरोप में केस दर्ज हुआ था कि उसकी टिप्पणी से सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचा है।

आरोपी ने कहा कि मैं पूरी तरह से निर्दोष हूं। मेरा उस कृत्य में कोई रोल ही नहीं है, जिसके आधार पर मेरे ऊपर केस दर्ज किया गया है। आरोपी ने कहा कि मेरा उत्पीड़न करने के उद्देश्य से फर्जी केस दायर किया गया है। इस पर बेंच ने सहमति जताई और कहा कि यदि इस केस को आगे बढ़ाया गया तो यह याची का उत्पीड़न होगा। यही नहीं आरोपी आरोपी का कहना था कि बिना पर्याप्त जांच के ही अधिकारी ने चार्जशीट दाखिल कर दी थी। मेरे ऊपर आरोप लगाया कि मैंने सीएम पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जबकि ऐसा कुछ भी मेरी ओर से कहा भी नहीं गया था।

 

#Mamta Banerjee

Source : Agency

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