Monday, April 20th, 2026

योगी सरकार ने जारी किये गुरुवार तक की फर्टिलाइजर उपलब्धता के आंकड़े

- 3.02 लाख मीट्रिक टन एनपीके खाद भी प्रदेश के किसानों के लिए है मौजूद

- प्रयागराज मंडल में सर्वाधिक 52,395 हजार मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध

- यूरिया का वास्तविक मूल्य 2174 रुपये प्रति बैग, सब्सिडी के चलते किसानों को 266.50 रुपये में हो रहा उपलब्ध

- समय से खाद, बीज और सिंचाई सुविधाओं के कारण प्रदेश का खाद्यान्न उत्पादन बढ़कर 737 लाख मीट्रिक टन पहुंचा

- पिछले साल की तुलना में इस बार रबी क्षेत्रफल में 4 लाख हेक्टेयर की वृद्धि का लक्ष्य

लखनऊ,

 उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ किया है कि प्रदेश में कहीं भी खाद-उर्वरकों की कमी नहीं है। सभी मंडलों में पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता है और किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निरंतर मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने कालाबाजारी और ओवररेटिंग पर कड़ा रुख अपनाया है। कृषि विभाग ने मंडलवार खाद की उपलब्धता के ताजा आंकड़े जारी किए हैं।

प्रदेश में खाद की स्थिति
कृषि विभाग के अनुसार, प्रदेश में कुल 6.04 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 3.93 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 3.02 लाख मीट्रिक टन एनपीके की उपलब्धता है। इसका अर्थ है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों के लिए खाद का पर्याप्त भंडार मौजूद है। मुख्यमंत्री योगी ने किसानों से अपील की है कि वे खाद का अनावश्यक भंडारण न करें। जितनी जरूरत हो, उतनी ही मात्रा में खाद लें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और समय-समय पर खाद की उपलब्धता व वितरण पर नजर रख रही है।

किसानों को मिल रहा सब्सिडी का लाभ
बता दें कि योगी सरकार किसानों के हित में लगातार कदम उठा रही है। यूरिया का वास्तविक मूल्य 2,174 रुपये प्रति बैग है, लेकिन सब्सिडी के चलते यह किसानों को मात्र 266.50 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। समय से खाद, बीज और सिंचाई सुविधाओं की वजह से प्रदेश का खाद्यान्न उत्पादन बढ़कर 737 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुका है। कृषि क्षेत्र से जुड़ा जीएसवीए, जो सपा शासन के दौरान 2 लाख करोड़ रुपये था, अब बढ़कर 7 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

खाद की कालाबाजारी करने वालों पर हो रही लगातार कार्रवाई
खरीफ 2024-25 में अब तक 32.07 लाख मीट्रिक टन खाद की बिक्री हुई है, जो पिछले वर्ष से 4.5 लाख मीट्रिक टन अधिक है। रबी 2025-26 सीजन के लिए सरकार ने 138.78 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खेती का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4 लाख हेक्टेयर अधिक है। किसानों को 10 लाख क्विंटल अनुदानित बीज और लगभग 12.80 लाख मिनी किट उपलब्ध कराई जाएंगी, जबकि गन्ना किसानों को दलहन-तिलहन की बोआई के लिए नि:शुल्क बीज दिए जाएंगे। सीमावर्ती जनपदों में खाद-यूरिया की तस्करी रोकने के लिए चौकसी बढ़ाई गई है और कालाबाजारी, जमाखोरी तथा तस्करी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई लगातार जारी है।

खाद उपलब्धता की सम्पूर्ण स्थिति मीट्रिक टन में (को-ऑपरेटिव प्राइवेट स्टॉक मिलाकर)

 

मंडल -   यूरिया -     डीएपी -    एनपीके

सहारनपुर-            17195 -       6980 -                       3062

मेरठ-     39104 -      16864 -              8625

आगरा-  47476 -      29917 -              21267

अलीगढ़-               30562 -      21151 -              16068

बरेली-    42938 -      20566 -              27914

मुरादाबाद-           50991 -      18057 -              29796

कानपुर-                47586 -      41946 -              32375

प्रयागराज-            52395 -      21479 -              25262

झांसी-    28090 -      26146 -              16367

चित्रकूट-               24891 -      10885 -              3802

वाराणसी-             44445 -      27120 -              14643

मीरजापुर-            15860 -      7448 -                        3878

आजमगढ़-           37589 -      24160 -              9034

गोरखपुर-              32634 -      25601 -              15650

बस्ती-    12848 -      10322 -              4571

गोंडा-      17418 -      19934 -              8953

लखनऊ-    38920 -                 37675 -              36488

अयोध्या-     23448 -               27616 -              24530

कुल-      604391 -   393867 -  302284

 

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Source : Agency

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